हनुमान भजन

मंगल भवन अमंगल हारी: श्रीराम भजन का रहस्य, अर्थ और चमत्कारी प्रभाव

मंगल भवन अमंगल हारी: श्रीराम भजन का रहस्य, अर्थ और चमत्कारी प्रभाव

मंगल भवन, अमंगल हारी,द्रबहु सु दसरथ, अजिर बिहारी lराम सिया राम, सिया राम जय जय राम ll हो, होइहै वही जो, राम रचि राखा,को करे तर्क, बढ़ाए साखा lराम सिया राम, सिया राम जय जय राम ll हो, धीरज धरम, मित्र अरु नारी,आपद काल, परखिए चारी lराम सिया राम, सिया राम जय जय राम ll […]

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हे दुःख भंजन मारुति नंदन भजन | पवनसुत हनुमान जी की विनती के भावपूर्ण बोल और महत्व

हे दुःख भंजन मारुति नंदन भजन | पवनसुत हनुमान जी की विनती के भावपूर्ण बोल और महत्व

हे दुःख भन्जन, मारुती नंदन,सुन लो मेरी पुकार ।पवनसुत विनती बारम्बार ॥हे दुःख भन्जन, मारुती नंदन,सुन लो मेरी पुकार ।पवनसुत विनती बारम्बार ॥ अष्ट सिद्धि, नव निधि के दाता,दुखिओं के तुम भाग्यविधाता ।सियाराम के काज सवारे,मेरा करो उद्धार ॥पवनसुत विनती बारम्बार । हे दुःख भन्जन, मारुती नंदन,सुन लो मेरी पुकार ।पवनसुत विनती बारम्बार ॥ अपरम्पार

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Hanuman Chalisa

॥ श्री हनुमान चालीसा ॥

हनुमान चालीसादोहा:श्रीगुरु चरन सरोज रज, निज मनु मुकुर सुधारि।बरनऊँ रघुबर बिमल जसु, जो दायक फल चारि॥बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन-कुमार।बल बुद्धि विद्या देहु मोहिं, हरहु कलेस विकार॥ चौपाई:जय हनुमान ज्ञान गुन सागर।जय कपीस तिहुँ लोक उजागर॥ राम दूत अतुलित बल धामा।अंजनि-पुत्र पवनसुत नामा॥ महाबीर बिक्रम बजरंगी।कुमति निवार सुमति के संगी॥ कंचन बरन बिराज सुबेसा।कानन कुण्डल

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