मरघट वाले बाबा

मरघट वाले बाबा हनुमान मंदिर: दिल्ली का रहस्यमयी और चमत्कारी धाम

दिल्ली की प्राचीन गलियों और आध्यात्मिक स्थलों के बीच एक ऐसा मंदिर मौजूद है, जिसे लोग केवल मंदिर नहीं बल्कि “दिव्य शक्ति का स्थान” मानते हैं। यह है Marghat Wale Hanuman Mandir — एक ऐसा धाम जो रहस्य, आस्था और चमत्कारों से जुड़ा हुआ है।

पुरानी दिल्ली में निगमबोध घाट के पास स्थित यह मंदिर वर्षों से भक्तों की श्रद्धा का केंद्र बना हुआ है। यहां आने वाले लोग मानते हैं कि मरघट वाले बाबा भय, नकारात्मक ऊर्जा और जीवन की कठिन बाधाओं से रक्षा करते हैं।

क्यों कहा जाता है “मरघट वाले बाबा”?

इस मंदिर के सामने प्राचीन समय से श्मशान घाट स्थित है, जिसे आज निगमबोध घाट के नाम से जाना जाता है। “मरघट” का अर्थ होता है श्मशान भूमि। इसी कारण यहां विराजमान Hanuman जी को “मरघट वाले बाबा” कहा जाने लगा।

मान्यता है कि जब Hanuman जी संजीवनी बूटी लेकर जा रहे थे, तब उन्होंने इस स्थान पर विश्राम किया था। उनकी दिव्य उपस्थिति से वहां की नकारात्मक शक्तियां शांत हो गईं और आत्माओं को मुक्ति मिली।


मंदिर से जुड़ी रहस्यमयी मान्यताएं

1. श्मशान के रक्षक हनुमान

भक्तों का विश्वास है कि मरघट वाले बाबा श्मशान क्षेत्र की नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा करते हैं। जहां आम लोग भय महसूस करते हैं, वहीं यह स्थान भक्तों को अद्भुत शांति और साहस देता है।

2. नीचे स्थित स्वयंभू मूर्ति

इस मंदिर में Hanuman जी की मूर्ति जमीन से नीचे स्थित है। कई लोग इसे स्वयंभू मानते हैं। कहा जाता है कि मूर्ति को हटाने या ऊपर स्थापित करने के प्रयास सफल नहीं हुए।

3. यमुना मैया का आशीर्वाद

एक प्रसिद्ध कथा के अनुसार, यमुना जी ने Hanuman जी से हर वर्ष दर्शन करने का वचन लिया था। इसलिए जब बारिश के मौसम में यमुना का जल मंदिर तक पहुंचता है, तो भक्त इसे दिव्य संकेत मानते हैं।

4. प्रेत बाधा से मुक्ति

कई श्रद्धालु मानते हैं कि यहां सच्चे मन से प्रार्थना करने पर:

  • मानसिक भय,
  • नकारात्मक प्रभाव,
  • बुरे सपने,
  • और अदृश्य बाधाओं से राहत मिलती है।

आध्यात्मिक और तांत्रिक महत्व

कुछ साधु-संत इस स्थान को अत्यंत शक्तिशाली साधना स्थल मानते हैं। श्मशान भूमि को प्राचीन तांत्रिक परंपराओं में विशेष ऊर्जा वाला स्थान माना गया है। इसी कारण यहां कई साधक Hanuman साधना और रक्षा कवच की उपासना करते हैं।


मंगलवार और शनिवार का विशेष महत्व

मंगलवार और शनिवार को यहां हजारों भक्त दर्शन करने आते हैं। माना जाता है कि इन दिनों Hanuman जी की कृपा विशेष रूप से प्राप्त होती है। भक्त सरसों का तेल, सिंदूर और नारियल चढ़ाकर अपनी मनोकामनाएं मांगते हैं।


आज भी क्यों आकर्षित करता है यह मंदिर?

आधुनिक समय में भी यह मंदिर लोगों के लिए आस्था और मानसिक शक्ति का केंद्र बना हुआ है। यहां आने वाले कई लोग दावा करते हैं कि उन्हें जीवन की कठिन परिस्थितियों, भय और तनाव से राहत मिली।

मरघट वाले बाबा केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि विश्वास और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक हैं।

निष्कर्ष

दिल्ली का मरघट वाले बाबा हनुमान मंदिर रहस्य, भक्ति और प्राचीन मान्यताओं का अद्भुत संगम है। यह स्थान हमें सिखाता है कि जहां भय समाप्त होता है, वहीं से आस्था की शुरुआत होती है।

अगर आप कभी पुरानी दिल्ली जाएं, तो इस दिव्य मंदिर के दर्शन अवश्य करें और वहां की अद्भुत शांति को महसूस करें।

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